Section 320 IPC in Hindi – धारा 320 क्या है

Section 320 IPC in Hindi – धारा 320 क्या है

भारतीय दण्ड सहिंता ( Indian Penal Code )   की धारा 320 क्या है । पाठको द्वारा धारा 320 के सन्दर्भ मे  सबसे ज्यादा गूगल पर  Search  किये जाने वाला वाक्य  है  ” Section 320 IPC in Hindi ” । हमारे ब्लॉग पोस्ट को हमने पाठकों  के नज़रिए  से लिखा है हमारा मकसद है की कानून की जानकारी हांसिल करने मे  भाषा को दीवार  नहीं बनना चाहिए । ब्लॉग मे हिंगलिश ( Hindi +English ) का इस्तेमाल किया गया है

आज हम इस आर्टि कल में भारतीय दण्ड सहिंता की धारा xxx के बारेमेंकुछ अहम जानकारी आपको देंगे।

  • भारतीय दंड सहिंता की धारा 320 क्या है?
  • भारतीय दंड सहिंता की धारा 320 मैं सजा का प्रावधान?
  • भारतीय दंड सहिंता की धारा 320 में जमानत का प्रावधान?
  • भारतीय दंड सहिंता की धारा 320 ज़मानती है या गैर जमानती अपराध है?

भारतीय दंड सहिंता की धारा 320 क्या है?

जो कोई, धारा 334 द्वारा प्रदान किए गए मामले को छोड़कर, स्वेच्छा से चोट पहुंचाता है, उसे किसी एक अवधि के लिए कारावास जिसे एक वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है, या जुर्माना जो एक हजार रुपये तक बढ़ाया जा सकता है, या दोनों के साथ दंडित किया जाएगा।

भारतीय दंड सहिंता की धारा 320 मैं सजा का प्रावधान?

भारतीय दंड सहिंता की धारा 320 में जमानत का प्रावधान?

भारतीय दंड सहिंता की धारा 320 ज़मानती है या गैर जमानती अपराध है?

भारतीय दण्ड संहि ता की धारा 320 क्या है?
आज हम इस आर्टि कल में भारतीय दण्ड संहि ता की धारा 320 के बारे में कुछ अहम जानकारी आपको देंगे।
1. भारतीय दंड संहि ता की धारा 320 क्या है?
2.भारतीय दंड संहि ता की धारा 320 से संबंधि त कुछ कानूनी मामलों की जानकारी।
3.भारतीय दंड संहि ता की धारा 320 का IPC में मूल?
4.भारतीय दंड संहि ता की धारा 320 मैं सजा का प्रावधान?
5.भारतीय दंड संहि ता की धारा 320 में जमानत का प्रावधान?
6.भारतीय दंड संहि ता की धारा 320 ज़मानती है या गैर जमानती अपराध है?
1. भारतीय दंड संहि ता की धारा 320 क्या है?
भारतीय दण्ड संहि ताकी धारा 320 गंभीर चोट क्या है इसका संपूर्ण ज्ञान देती है। भारतीय दंड संहि ता की धारा 320
के अनुसार नि म्नलि खि त प्रकार की चोट को गंभीर के रूप में नामि त कि या है।
1.यौन अंगों को क्षति ग्रस्त करना
2. कि सी की आंख की दृष्टि का स्थायी अभाव
3.कि सी के कान की सुनने की शक्ति का अभाव
4.कि सी की उसके अंग या जोड़ की शक्ति के अभाव
5.कि सी को उसके अंग या जोड़ का नाश या स्थायी नुकसान
6. सि र या चेहरे का स्थायी रूप से वि कृत होना
7.हड्डी या दांत का फ्रेक्चर या अव्यवस्था
8. कोई भी चोट जो जीवन को खतरे में डालती है या जि सके कारण पीड़ि त को 20 दि नों के अंतराल में गंभीर
शारीरि क पीड़ा होती है या अपने सामान्य कार्यों का पालन करने में असमर्थ होता है।
ऊपर दि ए गए सभी प्रकार के अभाव व चोटों को भारतीय दंड संहि ता की धारा 320 के अंतर्गत IPC 1860 मैं गंभीर
प्रकार की चोट के अंतर्गत रखा गया है।
2.भारतीय दंड संहि ता की धारा 320 से संबंधि त कुछ कानूनी मामलों की जानकारी।
1.Avinash Shetty vs State of Karnataka and Another.
2.Rakesh Kumar vs State of Punjab.
3.Sakharam vs State of Madhya Pradesh and Another.
4.Sattan Sahani vs State of Bihar and Another.
5.Jameel vs State of Uttar Pradesh.
3.भारतीय दंड संहि ता की धारा 320 का IPC में मूल?
धारा 320 का मूल IPC 1860 है और IPC 1860 एक व्यापक कानून है जो भारत में आपराधि क कानून के
वास्तवि क पहलुओं को शामि ल करता है यह अपराधों को बताता है और उनमें से प्रत्येक के लि ए सजा और जुर्मा ना
बताता है।
4.भारतीय दंड संहि ता की धारा 320 मैं सजा का प्रावधान?
भारतीय दंड संहि ता की धारा 320 गंभीर चोट के लि ए सजा का प्रावधान IPC की धारा 325 में स्वेच्छा से गंभीर चोट
पहुंचाने के लि ए दंड के प्रावधान के अनुसार या तो सात वर्ष की अवधि के लि ए कारावास से दंडि त कि या जाएगा ओर
जुर्मा ने से भी दंडि त करने का प्रावधान है।
5.भारतीय दंड संहि ता की धारा 320 में जमानत का प्रावधान?
भारतीय दण्ड संहि ताकी धारा 320 गंभीर चोट क्या है इसका संपूर्ण ज्ञान देती है।यह एक जमानती अपराध है तो
IPC की धारा 320 में जमानत मि लने का प्रावधान बहुत सख्त और कठि न नहीं है।
6.भारतीय दंड संहि ता की धारा 320 ज़मानती है या गैर जमानती अपराध है?
आईपीसी की धारा 320 मे सजा का प्रावधान अभी हमने पढ़ा अब हम इस वि षय में जानने की कोशि श करेंगे कि यह
अपराध गैरजमानती है या जमानती अपराध है?परंतु उससे पहले हमें जमानती अपराध और गैर जमानती अपराध
के वि षय में वि स्तृत जानकारी होनी चाहि ए।
× गैर जमानती अपराध क्या है?
गैर जमानती अपराधों में डकैती लूट रेप हत्या की कोशि श फि रौती के लि ए अपहरण ओर गैर इरादतन हत्या जैसे
अपराध शामि ल हैं इस तरह के मामलों में अदालत के सामने तथ्य पेश कि ए जाते हैं और फि र कोर्ट जमानत पर
नि र्णय लेता है गैर जमानती अपराध वह अपराध होता है जि समें अपराध करने वाले व्यक्ति को मजि स्ट्रेट के सामने
पेश होना पड़ता है।
× जमानती अपराध क्या है?
जमानती अपराध में मारपीट ,धमकी, लापरवाही से मौत,लापरवाही से गाड़ी चलाना जैसे अपराध आते हैं। ऐसे
अपराधों को जमानती बताया गया है और इसमें अपराधी की जमानत स्वीकार करना पुलि स अधि कारी एवं
न्यायालय का कर्तव्य है जमानती अपराधों में कोर्ट को जमानत देना अनि वार्य है परंतु गैर जमानती अपराध में
कोर्ट( न्यायालय) अपनी इच्छा के अनुसार अपराधी की जमानत याचि का को खारि ज कर सकता है।

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