335 IPC in Hindi – धारा 335 क्या है

भारतीय दण्ड सहिंता ( Indian Penal Code )   की धारा 335 क्या है । पाठको द्वारा धारा 335 के सन्दर्भ मे  सबसे ज्यादा गूगल पर  Search  किये जाने वाला वाक्य  है  ” Section 335 IPC in Hindi ” । हमारे ब्लॉग पोस्ट को हमने पाठकों  के नज़रिए  से लिखा है । 

हमारा मकसद है की कानून की जानकारी हांसिल करने मे  भाषा को दीवार  नहीं बनना चाहिए । ब्लॉग मे हिंगलिशHindi +English ) का इस्तेमाल किया गया है 

Section 335 IPC in Hindi – धारा 335 क्या है (335 IPC in Hindi)

  1. भारतीय दंड संहिता की धारा 335 क्या है?
  2. भारतीय दंड संहिता की धारा 335 मैं सजा का प्रावधान?
  3. भारतीय दंड संहिता की धारा 335 में जमानत का प्रावधान?
  4. 335 IPC in Hindi

1. भारतीय दंड संहिता की धारा 335 क्या है?

भारतीय दंड संहिता की धारा 335 मैं उपसावे पर स्वेच्छा से गंभीर चोट पहुंचाना जो कोई भी व्यक्ति स्वेच्छा से गंभीर और अचानक उकसावे पर गंभीर चोट का कारण बनता है अगर वह न तो इरादा रखता है और ना ही जानता है कि वह उकसाने वाले व्यक्ति के अलावा किसी अन्य व्यक्ति को गंभीर चोट पहुंचाने की संभावना रखता है तो वह दोनों में से किसी भाती के कारावास से जिसकी अवधि चार वर्ष तक की हो सकेगी यह जुर्माना जो 2000 रुपये तक का होगा या दोनों से दंडित किया जाएगा
भारतीय दंड संहिता की धारा 325 स्वेच्छा से गंभीर चोट पहुंचाने की सजा में IPC की धारा 335 में दिए गए प्रावधनों की सजा नहीं दी गई।IPCकी धारा 325 के विस्तृत जानकारी के लिए

2. IPC कीधारा 335 मैं सजा का प्रावधान।

भारतीय दंड संहिता की धारा 335 मैं उकसावे पर स्वेच्छा से गंभीर चोट पहुंचाने के लिए IPC 1860 मैं सजा का प्रावधान इस प्रकार हे की वह दोनों में से किसी भाती के कारावास से जिसकी अवधि चार वर्ष तक की हो सकेगी यह जुर्माना जो 2000 रुपये तक का होगा या दोनों से दंडित किया जाएगा

3.भारतीय दंड संहिता की धारा 335 में जमानत का प्रावधान।

भारतीय दंड संहिता की धारा 335 मैं उपसावे पर स्वेच्छा से गंभीर चोट पहुंचाना जो कोई भी व्यक्ति स्वेच्छा से गंभीर और अचानक उकसावे पर गंभीर चोट का कारण बनता है अगर वह न तो इरादा रखता है और ना ही जानता है कि वह उकसाने वाले व्यक्ति के अलावा किसी अन्य व्यक्ति को गंभीर चोट पहुंचाने की संभावना रखता है।यह एक जमानती अपराध है तो IPC की धारा 335 में जमानत मिलने का प्रावधान बहुत सख्त और कठिन नहीं है।

4.भारतीय दंड संहिता की धारा 335 ज़मानती यह गैर जमानती अपराध है।

आईपीसी की धारा 335 मे सजा का प्रावधान अभी हमने पढ़ा अब हम इस विषय में जानने की कोशिश करेंगे कि यह अपराध गैरजमानती है या जमानती अपराध है?परंतु उससे पहले हमें जमानती अपराध और गैर जमानती अपराध के विषय में विस्तृत जानकारी होनी चाहिए।

 गैर जमानती अपराध क्या है?

गैर जमानती अपराधों में डकैती लूट रेप हत्या की कोशिश फिरौती के लिए अपहरण ओर गैर इरादतन हत्या जैसे अपराध शामिल हैं इस तरह के मामलों में अदालत के सामने तथ्य पेश किए जाते हैं और फिर कोर्ट जमानत पर निर्णय लेता है गैर जमानती अपराध वह अपराध होता है जिसमें अपराध करने वाले व्यक्ति को मजिस्ट्रेट के सामने पेश होना पड़ता है।

 जमानती अपराध क्या है?

जमानती अपराध में मारपीट ,धमकी, लापरवाही से मौत,लापरवाही से गाड़ी चलाना जैसे अपराध आते हैं। ऐसे अपराधों को जमानती बताया गया है और इसमें अपराधी की जमानत स्वीकार करना पुलिस अधिकारी एवं न्यायालय का कर्तव्य हैजमानती अपराधों में कोर्ट को जमानत देना अनिवार्य है

परंतु गैर जमानती अपराध में कोर्ट( न्यायालय) अपनी इच्छा के अनुसार अपराधी की जमानत याचिका को खारिज कर सकता है।

 

 

 

 

 

Leave a Reply